संतमार्ग व ऋषि प्रकल्प
पूज्य साधु-संतों, विद्वानों व महापुरुषों के पावन मार्गदर्शन में धर्म, संस्कृति एवं वैदिक साधना का संरक्षण।
विस्तार देखेंसिद्ध पीठ का संकल्प—श्री हनुमान जी महाराज की पावन साधना, वैदिक परंपराओं के संरक्षण, नित्य अन्नक्षेत्र (भंडारा) एवं निष्काम जनसेवा के माध्यम से जन-जन में भक्ति व सनातन संस्कृति का गौरव जगाना।



सनातन धर्म जागरण, हनुमत साधना एवं नित्य जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर विस्तृत होता सिद्धपीठ का पावन प्रभाव।
सनातन परंपरा, वैदिक मूल्यों एवं हनुमत भक्ति का संरक्षण व संवर्धन।
संपूर्ण समाज को प्रभु श्री राम व हनुमान जी के चरणों में सूत्रबद्ध एवं एकीकृत करना।
युवा पीढ़ी में चरित्र निर्माण, आध्यात्मिक अनुशासन, नैतिक मूल्यों व साधना का संचार।
"नर सेवा ही नारायण सेवा" के भाव से निरंतर भंडारा, सहायता व सर्वजन कल्याण।
एक सशक्त, समरस, परम वैभवशाली और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत हेतु योगदान।

"श्री हनुमत् सिद्ध पीठ के पावन सानिध्य में सनातन धर्म के पुनरुत्थान, वैदिक परंपराओं के संरक्षण और जन-जन में श्री हनुमान जी की भक्ति व साधना का संचार करने हेतु समर्पित दिव्य मार्गदर्शन।"


"पीठ के समस्त धार्मिक व सेवा प्रकल्पों, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र कल्याण के लिए सही दिशा, उच्च आदर्श, नैतिक नेतृत्व एवं दीर्घकालीन मार्गदर्शन प्रदान करने वाले मुख्य आधार।"










संपूर्ण भारत में सनातन धर्म जागरण, हनुमत सेवा मंडलियों एवं नित्य जनसेवा का विस्तृत पावन क्षेत्र।
ग्राम व नगर स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समर्पित पीठ सेवादारों की अनुशासित व्यवस्था, जिससे सिद्धपीठ के समस्त धार्मिक व सेवा प्रकल्प निष्काम भाव से संचालित होते हैं।
बाढ़, भूकंप व दैवीय आपदाओं के समय प्रभावित परिवारों को त्वरित भोजन, वस्त्र, चिकित्सा व मानवीय आश्रय सहायता।
सहयोग करेंश्री हनुमत् सिद्ध पीठ परिसर, दिव्य यज्ञशाला, ध्यान केंद्र के भव्य निर्माण व सनातन संस्कृति के संवर्धन हेतु।
सहयोग करेंसिद्ध पीठ में निरंतर चलने वाले महाप्रसाद भण्डारे, निर्धन परिवारों को अन्नदान एवं असहायों हेतु नि:शुल्क चिकित्सा सेवा।
सहयोग करेंसिद्धपीठ में आयोजित होने वाले आगामी सुंदरकांड पाठ, महायज्ञ, सत्संग व भण्डारे की तिथियाँ शीघ्र ही यहाँ प्रकाशित की जाएँगी।
सभी कार्यक्रम देखेंसिद्धपीठ सनातन धर्म के संरक्षण, हनुमत साधना, नित्य अन्नक्षेत्र (भण्डारा), वैदिक शिक्षा एवं निष्काम जनसेवा के पावन संकल्पों हेतु निरंतर समर्पित है।

समाज के प्रत्येक वर्ग को श्री राम व हनुमान जी की भक्ति, सात्विक संस्कारों एवं सेवा भाव से जोड़ने हेतु सिद्धपीठ के विशेष प्रकल्प।
पूज्य साधु-संतों, विद्वानों व महापुरुषों के पावन मार्गदर्शन में धर्म, संस्कृति एवं वैदिक साधना का संरक्षण।
विस्तार देखेंमातृशक्ति में आध्यात्मिक चेतना, नारी सशक्तिकरण तथा परिवारों में सनातन संस्कारों का सिंचन।
विस्तार देखेंराष्ट्रभक्त अधिवक्ताओं द्वारा धार्मिक स्थलों का कानूनी संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता व न्याय मार्गदर्शन।
विस्तार देखेंछात्र-छात्राओं में राष्ट्रचेतना, नैतिक शिक्षा, संस्कार निर्माण एवं शैक्षणिक प्रोत्साहन।
विस्तार देखेंधर्मनिष्ठ व्यापारियों व उद्यमियों का संगठन, आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक-धार्मिक कार्यों में धर्मार्थ सहयोग।
विस्तार देखेंसेवाभावी चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, चिकित्सा परामर्श एवं जन-आरोग्य रक्षा।
विस्तार देखेंराष्ट्रभक्त पूर्व सैनिकों के अनुभव द्वारा युवा पीढ़ी में अनुशासन, सुरक्षा सहयोग व राष्ट्रसेवा भाव का संचार।
विस्तार देखेंशिक्षकों एवं प्रबुद्ध वर्ग द्वारा सनातन मूल्यों पर आधारित शिक्षा, चरित्र निर्माण एवं बौद्धिक जागरण।
विस्तार देखेंश्री हनुमत सिद्धपीठ के नित्य अन्नक्षेत्र (भण्डारा), धर्म-रक्षा व जनसेवा प्रकल्पों में अपने श्रद्धा-पुष्प की आहुति दें — सहज, सुरक्षित व पारदर्शी ऑनलाइन ई-समर्पण।
कंपनी अधिनियम 2013 (CSR) के अंतर्गत श्री हनुमत सिद्धपीठ के नित्य अन्नक्षेत्र (भण्डारा), धर्म-रक्षा, जन-आरोग्य एवं वैदिक शिक्षा प्रकल्पों में कॉरपोरेट सहभागिता कर राष्ट्र व धर्म निर्माण में योगदान दें।
CSR साझेदारी करेंयदि आप श्री हनुमान जी की भक्ति, सनातन धर्म रक्षा और निष्काम जनसेवा हेतु अपना समय, विचार या भाव अर्पण करना चाहते हैं, तो सिद्धपीठ परिवार से जुड़ना आपके लिए एक पावन संकल्प है।
सदस्यता फॉर्म भरेंसिद्धपीठ के नित्य महाप्रसाद भण्डारे, अनुष्ठान, धर्म-जागरण एवं जनकल्याणकारी प्रकल्प आपके द्वारा दी गई पवित्र आहुति (ई-समर्पण) से ही निरंतर गतिमान रहते हैं।
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